रविवार, 3 जून 2018

किससे हुआ था राधारानी का विवाह!

राधा और कृष्ण को प्रेम का दूसरा रूप माना जाता है।  उनका प्रेम इतना पवित्र था कि आज भी लोगबाग उनके प्रेम की मिसालें देते हैं। हम सभी इस सत्य से भली भांति परिचित हैं कि राधा कृष्ण की प्रेमिका थी, लेकिन ये भी सत्य है कि श्रीकृष्ण का विवाह राधा से नहीं हुआ।  ऐसे में ये बात महत्वपूर्ण है कि आखिर कौन था राधा का पति?आज तक कोई भी इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाया है। आइए आज आपको बताते हैं  कि कब कैसे और कहां हुई थी राधा जी की शादी और क्या वो वास्तविकता में श्री कृष्ण की प्रेमिका थीं?भारतीय पुराणों के मुताबिक राधा मां लक्ष्मी का अवतार थीं और भगवान कृष्ण विष्णु भगवान के अवतार थे। मां लक्ष्मी ने एक बार ये बात कही थी कि विष्णु के अलावा वो किसी और की जीवनसंगिनी नहीं बन सकतीं। गर्ग संहिता के मुताबिक़ भगवान कृष्ण और राधा की शादी स्वयं परमपिता ब्रम्हा ने करवाई थी। अक्सर ही नंद बाबा बाल गोपाल को भंडीर ग्राम ले जाते थे कि अचानक एक दिन जब वो भांडीर जा रहे थे तो चुंधियाती रोशनी के साथ बहुत तेज़ का तूफ़ान आया। इतनी रोशनी कि नंद बाबा अपनी आंखें भी नहीं खोल पा रहे थे उसी समय उन्हें ऐसा लगा जैसे कोई दिव्य शक्ति उनके आसपास है।  ऐसी मान्यता है कि वो शक्ति साक्षात राधारानी ही थीं। बताया जाता है राधारानी के प्रकट होते ही कृष्ण भी किशोर रूप में आ गए और ठीक उसी समय भंडीर के जंगल में परमपिता ब्रम्हा ने ललिता और विशाखा के सामने उनका विवाह संपन्न कराया। जैसे ही शादी संपन्न हुई वातावरण पूर्ववत हो गया। और ब्रह्मा जी समेत राधा, ललिता, विशाखा  अंतर्ध्यान हो गए और कृष्ण ने भी बाल गोपाल का रूप ले लिया।
राधारानी की शादी: 
इसके इतर एक कहानी और है जिसके अनुसार राधारानी का विवाह भगवान कृष्ण से ना हो कर अभिमन्यु से हुआ था। एक पौराणिक किवदंती के मुताबिक, जावत गांव में जतिला नाम की एक गोपी थी उसका पुत्र था अभिमन्यु। योगमाया के प्रभाव से राधारानी का विवाह जतिला के पुत्र अभिमन्यु से हुआ था। 
योगमाया की शक्तियों के कारण अभिमन्यु कभी राधा को स्पर्श तक न कर पाया। इसके अलवा अभिमन्यु बहुत शर्मीला और व्यस्त भी था, वो कभी अपने संकोच से बाहर ही नहीं आ पाया। तो इस सन्दर्भ में कोई भी ऐसी जानकारी नहीं है जिसे प्रमाणिक माना जा सके लेकिन वो कृष्ण की प्रेमिका थीं इस सत्य से सभी वाकिफ हैं। 

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