बुधवार, 10 मार्च 2010

मदद करके खुश होते हैं चिंपाजी


चिंपाजी एक-दूसरे के हावभाव को देखकर भी बातों को समझ लेते हैं। दूसरों के हावभाव की समझ भी मदद करने का भाव मन में पैदा करने का काम करती है। चिंपाजी तभी मदद करने का प्रयास करते हैं जब कोई उनसे मदद माँगता है।
विज्ञान की दुनिया से इन दिनों खबर है कि सिर्फ मनुष्य ही उदार नहीं है बल्कि चिंपाजी भी इसमें पीछे नहीं है। दूसरों को दुख में देखकर मदद का भाव चिंपाजी के मन में भी आता है, ऐसा शोध करने वालों का कहना है। मनुष्य और चिंपाजी दोनों ही अपने दूसरे साथियों के प्रति संवेदनशील होते हैं। मनुष्य तो प्रकृति का सबसे समझदार प्राणी है पर चिंपाजी भी इस तरह से सोचते हैं, इस बात का पता चलना विज्ञान की दुनिया के लिए नई बात है।
इसमें महत्वपूर्ण है कि चिंपाजी अपने दूसरे साथियों के कामकाज का ध्यान रखते हैं, तभी तो उन्हें पता चलता है कि दूसरे को मदद की जरूरत है। चिंपाजी एक-दूसरे के हावभाव को देखकर भी बातों को समझ लेते हैं। दूसरों के हावभाव की समझ भी मदद करने का भाव भी मन में पैदा करती है। दूसरों की मदद लेकर मनुष्य और चिंपाजी में जो बड़ा फर्क है वह यह है कि मनुष्य अगर किसी को मदद की जरूरत नहीं है तो भी मदद करने के लिए पूछता है जबकि चिंपाजी तभी मदद करने का प्रयास करता है जबकि उनसे कोई मदद माँगता है।
इन दिनों जबकि मनुष्य दूसरों की मदद करना भूलता जा रहा है चिंपाजी की दुनिया से आने वाली यह खबर उसे उसका काम याद दिलाने वाली है। काम वही दूसरों की मदद दिलाने वाली है। काम वही दूसरों की मदद वाला। सभी मुश्किलें आसान हो जाए। जब चिंपाजी अपने साथियों के बारे में सोच सकता है तो क्या हमें नहीं सोचना चाहिए?

हाथी खेलता है बास्केटबॉल
थाईलैंड में ट्रेनर के सिखाने पर हाथी तरह-तरह के करतब सीख जाते हैं। और ऐसे-ऐसे कमाल के काम तो कर जाते हैं जिन्हें देखकर बच्चों तो क्या बड़ों को भी हैरत होती है। यहाँ के आईलैंड सफारी सेंटर पर ऐसे ही जब 1 साल के हाथी को बास्केटबॉल खेलने की ट्रेनिंग दी गई तो वह पट्‍ठा इस खेल की सारी कला‍बाजियाँ फटाफट सीख गया।
अब वह बॉल को उठाकर अपनी सूँड पर नचाते-नचाते दौड़कर बास्केट तक जाता है और बॉल को उसमें पटक देता है। यह हाथी बॉल को बास्केट करने से पहले अपने ट्रेनर की सीटी का इंतजार भी करता है। अगर सीटी बजी तो बास्केट, वरना बॉल नाचती रहती है। वैसे हाथियों को बुद्धिमान प्राणी माना जाता है और चीजों को सीखने और समझने में वे ज्यादा देर नहीं लगाते हैं।

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