शुक्रवार, 17 जून 2011

हनुमान चालीसा की 11 किताबों का दान, हर कार्य हो जाएगा आसान

ऐसा कहा जाता है कि हर रोज एक नई सुबह के साथ नया जीवन शुरू होता है। इस नई सुबह के साथ कुछ नई खुशियां होती हैं तो कुछ परेशानियां। सभी चाहते हैं कि उनके जीवन की परेशानियां समाप्त हो जाए और सुख-समृद्धि बढ़ जाए। अपनी समस्याओं को दूर करने के लिए कई प्रकार के प्रयास भी किए जाते हैं लेकिन अधिकांशत: असफलता ही हाथ लगती है। ऐसे में भगवान की भक्ति ही श्रेष्ठ मार्ग है।
सभी कष्ट और क्लेशों को दूर करने के लिए हनुमानजी की आराधना सर्वश्रेष्ठ उपाय है। कलयुग में पवनपुत्र बहुत ही जल्द अपने भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि आज भी जहां-जहां भी सुंदरकांड का पाठ किया जाता है वहां हनुमानजी अवश्य ही पधारते हैं। इसके अलावा बजरंग बली को प्रसन्न करने का एक सबसे सरल और सटीक उपाय है हनुमान चालीसा का पाठ।
श्रीरामचरितमानस के रचियता गोस्वामी तुलसीदासजी ने हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए बहुत ही सरल भाषा में हनुमान चालीसा स्तुति लिखी है। इसका हर शब्द बजरंग बली की कृपा दिलाने वाला है। जो भी भक्त हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करता है उसे किसी भी प्रकार की परेशानी या बाधा नहीं सताती है। ऐसे अद्भूत हनुमान चालीसा की 11 किताबों का दान करने पर अन्य भक्तों को इसका लाभ प्राप्त होता है। जिससे दान करने वाले व्यक्ति को पुण्य की प्राप्ति होती है और हनुमानजी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जितने ज्यादा से ज्यादा लोग आपकी दान की हुई हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे आपको उतना अधिक धन, सुख, समृद्धि और सुख प्राप्त होगा।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें