शुक्रवार, 24 जून 2011

खाने के तुरंत बाद ना लेटे और ना सोएं नहीं तो...

समय के साथ-साथ हमारी दिनचर्या में कई बड़े-बड़े परिवर्तन आ गए हैं। हमारी सभी काम और उन्हें करने का तरीका बदल गया है। आधुनिकता की दौड़ में हमारा खाना खाने का तरीका भी पूरी तरह प्रभावित हुआ है। पुराने समय में जमीन पर बैठकर खाना खाने की परंपरा थी।
लेकिन बढ़ते पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव में डायनिंग टेबल पर बैठकर भोजन करने का कल्चर हमारे देश में आया। वर्तमान में लोग डायनिंग टेबल पर बैठकर तो भोजन करते ही हैं साथ ही अधिकतर लोग खाना-खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं या लेट जाते हैं।जिसे हमारे शास्त्रों में भी ठीक नहीं माना गया है। हिन्दू धर्म ग्रंथों के अनुसार यह मान्यता है कि खाने के तुरंत बाद सोने से या आलस्य लेने से घर में दरिद्रता आती है। साथ ही यदि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव बढ़ता है। इस तरह खाना खान के तुरंत बाद सोने से या लेटने से मोटापा, अपच, कब्ज, एसीडीटी आदि पेट संबंधी बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है।आलस्य बढ़ता है व शरीर को ऊर्जा और स्फूर्ति कम हो जाती है। इसलिए खाना खाकर कुछ देर वज्रासन में बैठना चाहिए और कम से कम सौ कदम जरूर चलना चाहिए।

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