गुरुवार, 23 जून 2011

ये रहा बारिश का डाइट चार्ट

बारिश में शरीर में वात यानी वायु की वृद्धि होने के कारण उसे शांत करने के लिए मधुर, अम्ल व लवण रसयुक्त, हलके व शीघ्र पचने वाले तथा वात का शमन करने वाले पदार्थों एवं व्यंजनों से बना हुआ आहार लेना चाहिए।
सब्जियों में मेथी, सहिजन, परवल, लौकी, सरगवा, बथुआ, पालक एवं सूरन हितकर हैं। सेवफल, मूंग, गरम दूध, लहसुन, अदरक, सोंठ, अजवायन, साठी के चावल, पुराना अनाज, गेहूँ, चावल, जौ, खट्टे एवं खारे पदार्थ, दलिया, शहद, प्याज, गाय का घी, तिल एवं सरसों का तेल, महुए का अरिष्ट, अनार, द्राक्ष का सेवन लाभदायी है। पूरी, पकोड़े तथा अन्य तले हुए एवं गरम तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन थोड़ा कम कर दें।
इन चीजों को न खाएं
गरिष्ठ भोजन, उड़द, अरहर, चौला आदि दालें, नदी, तालाब एवं कुएँ का बिना उबाला हुआ पानी, मैदे की चीजें, ठंडे पेय, आइसक्रीम, मिठाई, केला, म_ा, अंकुरित अनाज....आदि नहीं खाना चाहिए।
विशेष
आयुर्वेद और प्राकृतिक शरीर विज्ञान की ऐसी मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के बाद आम नहीं खाना चाहिए।

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