सोमवार, 6 जून 2011

यहां कुत्ते से होती है लड़की की शादी!

हमारे यहां शादी का मतलब सात जन्मों का बंधन होता है। शादी से सिर्फ दो लोग ही नहीं बल्कि दो परिवार जुड़ जाते हैं। लेकिन हमारे देश के हर हिस्से में कुछ अनोखी लोक परंपराएं प्रचलित हैं ये परंपराएं ऐसी हैं जो कई बार तो इतनी अजीब होती हैं कि समझ ही नहीं आता कि इन्हे अंधविश्वास माने या परंपरा। झारखंड के ग्रामीण इलाकों में कुछ ऐसी ही परंपरा प्रचलित है। इस परंपरा के अंतर्गत लड़की की शादी इंसान से नहीं कुत्ते से करवाई जाती है।
दरअसल ये शादी युवती की नहीं बल्कि छोटी बच्चियों की होती हैं। जी हां यह परंपरा यहां सदियों से चली आ रही इसके अनुसार जब किसी लड़की का पहला दांत उपरी मसूड़े में हो तो उसे शुभ नहीं माना जाता है।
माना जाता है कि ऐसा गृहों के अशुभ प्रभाव के कारण होता है इसीलिए लड़की का दूसरा दांत आने से पहले उसका सांकेतिक विवाह किसी स्थानीय कुत्ते से करवा दिया जाता है ऐसी मान्यता है कि इससे गृहों की शांति हो जाती है। इस क्षेत्र की इस परंपरा को कोई कुछ भी माने लेकिन सैकड़ों वर्षों से आजतक लोग इस परंपरा को मानते आ रहे हैं।

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