बुधवार, 12 अगस्त 2015

सभी प्रकार की भूमिका पसंद है केशव को

छत्तीसगढ़ फिल्म इंडस्ट्री में केशव वैष्णव एक जाना पहचाना नाम है। अभी हाल ही ने प्रदर्शित उनकी फिल्म असली संगवारी बिलासपुर में रिकार्ड बनाने में सफल रही है। केशव का कहना है सरकार छत्तीसगढ़ी फिल्मो को बढ़ावा दे ताकि देश के कोने कोने में इसका प्रदर्शन हो सके। छत्तीसगढ़ में फिल्मो का प्रदर्शन अनिवार्य किया जाए जिससे ताकिजो की मनमानी ख़त्म हो सके। केशव से हमने हर पहलूओं पर बेबाक बात की है। प्रस्तुत है बातचीत के संपादित अंश।
0 फिल्म असली संगवारी को लेकर आपने क्या उम्मीद की थी?
00 यह फिल्म हमारी उम्मीदों पर खरा उत्तरी है। लो बजट की फिल्म है जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। अब पूरे छत्तीसगढ़ के ताकीजों में लगाये जाएंगे।
0 आपको एक्टिंग का शौक कब से है ?
00 मुझे एक्टिंग का शौक बचपन से ही रहा है। टीवी देख- देखकर मैं कलाकारों की नक़ल किया करता था। एक्टिंग में रूचि बचपन से ही था पर मौका नहीं मिल रहा था। मैं बहुत कुछ करना चाहता हूँ इस क्षेत्र में । मै कलाकारों को परदे पर देखता था तो मुझे अच्छा लगता था जिससे मुझे फिल्मो की और रुझान हुआ।
0 फिर मौका कैसे मिला और आपके प्रेरणाश्रोत कौन है ?
00 पहले तो छोटे-छोटे रोल किया करता था। चंदू और चांदनी से मैंने कॅरियर की शुरुआत की थी। काफी संघर्ष किया। मेरा कोई रोल मॉडल नहीं है।
0 कभी आपने सोचा था की फिल्मो को ही अपना कॅरियर बनाएंगे ?
00 हाँ ! शुरू से ही मै एक्टिंग को कॅरियर बनाने की सोचकर चल रहा था।
0  छालीवुड फिल्मो में आपको कैसी भूमिका पसंद है या आप कैसे रोल चाहेंगे।
00  मैं हर तरह की भूमिका निभाना चाहूंगा ताकि मुझे सभी प्रकार का अनुभव हो। छोटे बड़े सभी रोल मुझे पसंद है।
0 सरकार को आपको क्या अपेक्षाएं हैं?
00 सरकार अभिभावक की भूमिका में आये और छालीवुड को मदद करे। टाकीज बनवाए, नियम बनाये ताकि ताकिजो मालिकों की मनमानी खत्म हो जाए। 
0 कोई ऐसा अवसर आया हो ,जब आप बहुत उत्साहित हुई हो?
00 फिल्म असली संगवारी के रिलीज होने पर।
0 आप फिल्मो में भूमिका को लेकर कैसा महसूस करते हैं ?
00 जब मैं कोई भूमिका निभाता हूँ तो मुझे गर्व मेहसूस होता हैं की मैं अपने रोल को बखूबी से कर पा रहा हूँ। सभी करेक्टर का अध्ययन करता हूँ फिर कैमरे के सामने आता हूँ।
0 रील लाइफ और रीयल लाइफ में क्या अंतर है?
00 दोनों अलग अलग चीज है। रील लाइफ चुनौतीपूर्ण होती है उसमे कई करेक्टर होते है और रियल लाइफ में एक ही करेक्टर को जीना होता है।
0 ऐसा कोई क्षण जब निराशा मिली हो?
00 कभी नहीं। मैं कभी निराश नहीं होता।
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
00 मेरा सपना है  कि मै छत्तीसगढ़ी फिल्म को देश के कोने कोने में लोग देखे।

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