शनिवार, 20 मार्च 2010

परिवार का खर्च चलाने में महिलाएँ माहिर


बेशक महिलाएँ ठाट-बाट और कीमती पोशाक की शौकीन होती हैं लेकिन वह घर का खर्चा पुरुषों से ज्यादा बेहतर ढंग से चला सकती हैं। घर के खर्चा-पानी का प्रबंधन महिलाएँ पुरुषों से ज्यादा बेहतर ढंग से कर सकती हैं यह बात एक अध्ययन में सामने आई है।
ब्रिटेन के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि महिलाएँ घर का बजट ठीक ढंग से चलाती हैं, घर के फालतू खर्चों पर रोक लगा सकती हैं। महिलाओं के विपरीत पुरुष फालतू खर्चों पर रोक नहीं लगा सकते। वह आर्थिक उधारी जैसे डेबिट कार्ड या बिल चुकाने में लेट- सवेर करते हैं और कभी-कभी तो उसे पूरी तरह नजरअंदाज ही कर देते हैं।
पुरुष निवेश में विश्वास नहीं करते वह साल में कम से कम भुगतान करना पसंद करते हैं। हालाँकि महिलाओं के बारे में हमेशा से माना जाता है कि वे बहुत खर्चीली होती हैं सजने- सँवरने,कपड़ों व जूतों पर ज्यादा पैसा खर्च करती हैं।
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक इडी बोशर ऑफ लवली मनी डॉट कॉम ने अध्ययन में पाया कि पुरुष हमेशा यह सोचते रहते हैं कि वह घर का खर्चा-पानी चलाने में अपनी प्रतिष्ठा कैसे बचा सकते हैं जबकि महिलाएँ हमेशा यही सोचती रहती हैं कि उन्हें घर का खर्चा सही बजट के हिसाब से चलाना है ।
3,000 ब्रिटेन के लोगों पर अध्ययन किया गया जिसमें आदमियों ने 2176 पाउंड का ऋण देना भूल गए जबकि 1987 पाउंड का ऋण सही समय पर चुका दिया।
त्‍वचा को रखें तरो ताजा
एक बीस लीटर की बाल्टी में एक कप दूध या एक टेबल स्पून मिल्क पाउडर डालें। उसमें कुछ बूँदें चंदन के तेल की व कुछ बूँदें अपनी पसंद के परफ्यूम की डाल दें। इस पानी को धीरे-धीरे अपनी त्वचा पर डालते हुए नहाएँ।
ताजे व रसीले फलों का नियमित सेवन करें।
फलों का रस पीने के बदले पूरे फल खाएँ। जैसे संतरा, मौसंबी, पाइनेपल, सेव, अंगूर आदि का रस पीने के बजाए फल खाएँ।
सप्ताह में दो बार दो चम्मच शहद, पंद्रह से बीस बूँद नींबू का रस, आधा चम्मच मलाई या घी व एक चम्मच ओट मील डालकर पेस्ट की तरह चेहरे पर लगाएँ। आधे घंटे बाद कुनकुने पानी से चेहरा साफ करके अच्छी विटामिन क्रीम लगाएँ।
यदि आपकी ऑइली स्किन है तो मलाई का प्रयोग न करें व क्रीम के बदले मॉइश्चराइजर या लेक्टो केलेमाइन का प्रयोग करें।

गर्मियों में पंख लगाएँ पैरों को...
अगर आप गर्मी के दिनों में अपने पैरों को थोड़ा हवादार भी बनाना चाहती हैं और एड़ियों को सुरक्षित भी रखना चाहती हैं, तो सैंडल्स आपके लिए एकदम सही विकल्प हैं। ये पैरों को सुरक्षित और आरामदायक बनाए रखते हैं।
खासतौर पर चिलचिलाती धूप में या फिर उमस और नमी में जब आप जूते या बैली पहनने से बचना चाहती हैं और लगता है कि स्लीपर पहनकर ही घर से बाहर भी जाया जाए। अब ऐसा करना संभव है। बाजार में गर्मी के लिहाज से कई तरह के फुटवेयर्स सजे हुए हैं।
इनमें हल्की-फुल्की चप्पलों से लेकर, सिंपल और स्ट्राइप्स वाले ग्लेडियेटर सैंडल्स तथा वॉकर्स शामिल हैं। आप चाहें तो रंग-बिरंगे स्ट्रेप्स वाले सैंडल्स अपनाएँ या फिर सिंगल स्ट्रेप वाली खूबसूरत चप्पलें पहनकर इठलाएँ। आजकल बाजार में फ्लोरल, ज्यॉमेट्रिक और अन्य डिजायनों वाली, स्ट्रेप पर सजे फूलों वाली तथा रंग-बिरंगे स्ट्रेप्स वाली चप्पलें भी काफी मिल रही हैं। ये पैरों को खुला-खुला तो रखती ही हैं, चलने में सहूलियत देती हैं और लगती तो खूबसूरत हैं ही। इन चप्पलों की कीमत 150 रुपए से शुरू होती है।
फुटवेयर्स के मामले में डिजायनर्स भी प्रयोग करते रहते हैं क्योंकि हर मौसम में कुछ नए की चाहत तो लोगों को रहती ही है। हाल ही में एक बड़े ब्राँड 'चाइनीज़ लाँड्री' ने भी 'सुदोकू' नामक सैंडल्स की श्रृंखला जारी की है। एड़ियों को कवर करते बड़े से स्ट्रेप के साथ पैरों पर सामने तक आने वाले फीते इसकों अलग ही लुक देते हैं।
यह सही है कि हर व्यक्ति इतने महँगे और ब्राँडेड फुटवेयर नहीं खरीद सकता लेकिन आप चाहें तो 450 रुपए तक में इन्हीं जैसा लोकल ब्राँड भी खरीद सकते हैं। यही नहीं इस रेंज में आपको अच्छी क्वॉलिटीज वाली चीज़ भी मिलेगी। तो इस गर्मी पैरों को पंख लगाने दीजिए और उड़ने दीजिए आसमान में।

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