शनिवार, 23 अक्तूबर 2010

चार सूर्य ग्रहण सहित 2011 में लगेंगे छह ग्रहण

आगामी वर्ष 2011 में छह ग्रहण होंगे, जिसमें चार सूर्य व दो चन्द्र ग्रहण होंगे और दोनों पूर्ण चन्द्र ग्रहण होने से सम्पूर्ण भारत में दिखाई देंगे।

प्राचीन समय से कालगणना की नगरी रही उज्जैन में स्थित पौराणिक शासकीय जीवाजी वैधशाला के अधीक्षक डॉ राजेन्द्र प्रसाद गुप्त ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि वर्ष 2011 में चार जनवरी आंशिक सूर्य ग्रहण, एक जून आंशिक सूर्य ग्रहण, 15 जून पूर्ण चन्द्र ग्रहण, एक जुलाई आंशिक सूर्य ग्रहण, 25 नवम्बर आंशिक सूर्य ग्रहण और दस दिसम्बर पूर्ण चन्द्र ग्रहण होंगे। सभी सूर्यग्रहण आंशिक है लेकिन चन्द्र ग्रहण सौ प्रतिशत होने के कारण सम्पूर्ण भारत में दिखाई देगें।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2011 के प्रथम सप्ताह में होने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण दोपहर 12 बजकर दस मिनट दो सेंकेड से प्रारंभ होगा और दोपहर दो बजकर बीस मिनट चार सेंकड पर मध्य तथा चार बजकर तीस मिनट नौ सेकंड पर मोक्ष होगा। जिसे भारत के उत्तर पश्चिम के हिस्से के जम्मू कश्मीर, पंजाब, दिल्ली, जयपुर सहित शिमला क्षेत्र में देखा जा सकेगा। शेष तीन आंशिक सूर्य ग्रहण भारत के किसी हिस्से में नजर नहीं आएगें।
उन्होंने बताया कि दोनों पूर्ण चन्द्र ग्रहण में से 15 जून को होने वाला चन्द्र ग्रहण रात्रि 11 बजकर 52 मिनट चार सेकंड से प्रारंभ होगा रात्रि एक बजकर 42 मिनट पर मध्यकाल होगा और तीन बजकर 32 मिनट छह सेकंड पर समाप्त होगा। इसी प्रकार दूसरा पूर्ण चन्द्र ग्रहण वर्ष के अंतिम माह में 10 दिसम्बर को छह बजकर 15 मिनट से शुरू होकर आठ बजकर एक मिनट 08 सेकंड पर उसका मध्य काल होगा और नौ बजकर 48 मिनट तीन सेकंड पर समाप्त होगा।

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