गुरुवार, 28 अक्तूबर 2010

भगवान को फूल चढ़ाने से पहले ध्यान रखें...

भगवान की पूजा-अर्चना में फूल अर्पित करना अति आवश्यक माना गया है। पुष्प के बिना कोई भी पूजन कर्म पूर्ण नहीं हो सकता। ऐसी मान्यता है कि भगवान के प्रिय पुष्प अर्पित करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों को मनावांछित फल प्रदान करते हैं।

सभी मांगलिक कार्य और पूजन कर्म में फूलों का विशेष स्थान होता है। सभी देवी-देवताओं को अलग-अलग फूल प्रिय हैं। साथ ही इन्हें कुछ फूल नहीं चढ़ाएं जाते। इसी वजह से बड़ी सावधानी से पूजा आदि के लिए फूलों का चयन करना चाहिए।
- शिवजी की पूजा में मालती, कुंद, चमेली, केवड़ा के फूल वर्जित किए गए हैं।
- सूर्य उपासना में अगस्त्य के फूलों का उपयोग नहीं करना चाहिए।
- सूर्य और श्रीगणेश के अतिरिक्त सभी देवी-देवताओं को बिल्व पत्र चढ़ाएं जा सकते हैं। सूर्य और श्री गणेश को बिल्व पत्र न चढ़ाएं।
- प्रात: काल स्नानादि के बाद भी देवताओं पर चढ़ाने के लिए पुष्प तोड़ें या चयन करें। ऐसा करने पर भगवान प्रसन्न होते हैं।
- बिना नहाए पूजा के लिए फूल कभी ना तोड़े।

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