बुधवार, 15 जून 2011

सूतक के प्रभाव को खत्म करती है तुलसी क्योंकि....

हिंदु धर्म के अनुसार ग्रहण के दौरान सभी खाद्य पदार्थ और पानी आदि में तुलसी की पत्तियां डालना अनिवार्य बताया गया है। ग्रहण में तुलसी के पत्ते खाने में डालने से धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों की फायदे प्राप्त होते हैं। तुलसी एक ऐसा पौधा है जो धर्म और आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसकी पत्तियों में कई औषधीय गुण होते हैं जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है।
इसी वजह से तुलसी के पत्ते का नियमित सेवन करने की सलाह दी है। साथ ही तुलसी पवित्रता का भी प्रतीक है। ऐसा माना जाता है ग्रहण काल में भोजन की सामग्री आदि अपवित्र हो जाती है। अत: भोजन को ग्रहण की अपवित्रता से बचाने के लिए पवित्रता की प्रतीक तुलसी को खाने में डाल दिया जाता है।
दरअसल इसका मुख्य कारण यह है कि तुलसी डालने से भोजन को हानिकारक विकिरणें प्रभावित नहीं करती। इसीलिए ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के समय खाने में कई विषैले कीटाणु आदि पैदा हो जाते हैं, इन कीटाणुओं के बुरे प्रभाव को खत्म करने के लिए तुलसी के पत्ते सक्षम होते हैं। औषधीय गुण वाली तुलसी हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालने वाले कीटाणु को नष्ट कर देती है और खाने को खराब होने बचा लेती है।

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