गुरुवार, 3 जून 2010

दिन में भी बिजली जलती रहेगी



विश्व कप फुटबॉल की मेजबानी करने वाले दक्षिण अफ्रीकी शहरों में से एक केपटाउन ने दिन में भी सड़कों पर बिजली जलाकर रखने का फैसला किया है। इसकी वजह है बिजली के तारों की चोरी रोकना।
केपटाउन शहर में नशे की लत में डूबे कई लोग इन तारों को बेचकर नशीली दवाएँ खरीदते हैं और उनकी तादाद बढ़ती जा रही है।
स्थानीय प्रशासन के एक अधिकार क्लाइव जस्टस का कहना है, 'बिजली केबल की चोरी अपने चरम पर पहुँची हुई है और ये कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि ये चोर लाइव तारों को काटकर अपनी जान जोखिम में नहीं डालेंगे।'
गौरतलब है कि इसी महीने विश्व कप फुटबॉल की मेजबानी करने वाला दक्षिण अफ्रीका दो साल पहले भीषण बिजली संकट से जूझ रहा था और पूरे देश में देश की बूढ़ी होती बिजली व्यवस्था को लेकर भारी चिंता थी।
क्लाइव जस्टस का कहना है, 'आमतौर पर बिजली की इस बर्बादी को जायज नहीं ठहराया जा सकता और हम सबको बिजली बचाने पर जोर देना चाहिए, लेकिन चोरी हो गए केबलों को नए सिरे से लगाने की कीमत बिजली की कीमत से कहीं ज्यादा है।'
दिन में खासकर उन इलाकों में सड़कों पर बिजली जलती रहेगी जहाँ चोरी ज्यादा होती है। कुछ इलाके तो ऐसे हैं जहाँ अगर बिजली कर्मचारी पहुँचते हैं तो उनपर हमला भी होता है।
देश में जिन दस स्टेडियम में विश्व कप के मैच होने हैं वहाँ जेनरेटर की व्यवस्था की गई है जिससे कि अगर बिजली तंत्र चरमराता भी है तो खेल जारी रह सके।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें