रविवार, 1 जुलाई 2012

शिव पूजा के 3 खास संयोग!

हिन्दू धर्म के मुताबिक पूरी प्रकृति ही शिव का रूप है। वेदों में प्रकृति और मानव का गहरा संबंध बताया गया है। हिन्दू कैलेण्डर के पांचवे माह श्रावण यानी सावन माह में भी शिव आराधना का विशेष महत्व है। इस माह में खास तौर पर वर्षा के मौसम यानी जल तत्व की अधिकता होती है। इसलिए इस काल में शिव का जल से अभिषेक सुख, समृद्धि, संतान, धन, ज्ञान और लंबी उम्र के साथ तमाम भौतिक सुख देने वाला माना गया है। व्यावहारिक रूप से श्रावण या सावन माह में शिव की पूजा के रूप में प्रकृति की पूजा हो जाती है। यही नहीं, सावन माह में शिव भक्ति के पीछे खास धार्मिक और ज्योतिषीय पहलू भी बताए गए हैं। जहां धार्मिक दृष्टि से देवभक्ति के अहम काल चातुर्मास के चार माहों का पहला माह सावन होता है। वहीं, पुराण प्रसंगों में अनेक शिव लीलाओं का संबंध इस माह से बताया गया है। ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक इस माह में श्रवण नक्षत्र का शुभ योग बनता है, जिसके कारण यह माह सावन भी पुकारा जाता है। शिव भक्ति की इस अचूक घड़ी यानी सावन माह की शुरुआत इस बार 4 जुलाई से होगी। किंतु इस बार 4 जुलाई से पहले यानी 1 जुलाई से ही शिव भक्ति के 3 खास संयोग बने हैं। इससे 4 जुलाई से शुरू हो रहे सावन माह के पहले ही शिव भक्ति का रंग भक्तों पर चढ़ेगा। जानिए क्या बने हैं यह तीन शुभ संयोग - - आज (1 जुलाई) प्रदोष तिथि है। प्रदोष तिथि पर शाम को शिव भक्ति व पूजा तमाम सांसारिक सुखों को देने वाली व हर दोष व कलह मिटाने वाली मानी गई है। - 2 जुलाई चतुर्दशी तिथि भी शिव भक्ति को समर्पित है। इस दिन रात्रि में शिव भक्ति जीवन के हर दु:ख व कष्ट को दूर कर कामना पूरी करने वाली मानी गई है। - 3 जुलाई यानी आषाढ़ पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा के रूप में गुरु पूजा व सेवा को समर्पित है। भगवान शिव जगतगुरु पुकारे जाते हैं। शिव ही साक्षात ज्ञान स्वरूप देवता माने गए हैं। इनकी उपासना से मिलने वाला ज्ञान, विवेक व बुद्धि जीवन की तमाम मुश्किलों का अंत करती है। इसलिए गुरु पूर्णिमा शिव के महागुरु के स्वरूप की पूजा की अचूक घड़ी है। इस तरह शिव भक्ति के पुण्य काल सावन माह के पहले बने इन 3 विशेष संयोगों में पूरी श्रद्धा, भक्ति और आस्था के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना, अभिषेक, जलाभिषेक व बिल्वपत्र चढ़ाने सहित उपासना के अनेक उपाय करना तमाम भौतिक सुखों को देने वाले साबित होंगे। इसलिए आज से ही शिव को मनाने के ये शुभ संयोग न चूक कर शिव भक्ति में रम सावन माह की शुरुआत करें। />

2 टिप्‍पणियां:

  1. मेरे पास किसी सिद्धपुरुष के दिये हुयेपांच छोटे-छोटे सफेद संगमरमर व काले संगमरमर से बने हुये शिवलिंग है] मै उन्हें चाँदी की जलहरी या जलाधारी में स्थापित करना व घर मे रखना चाहता हूँ] क्या एक जलाधारी में पांच शिवलिंग स्थापित किये जा सकते हैं इससे कोई पाप या दोष तो नही लगता कृपया मार्गदर्शन करें!
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    tirupati_gupta67@yahoo.com

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