शनिवार, 13 जून 2015

लोगो की दिलो पर राज करना चाहती है ऐश्वर्या

अच्छा इंसान और बेस्ट अभिनेत्री बनने की तमन्ना है 
ऐश्वर्या राज का गाना वीडियो इस समय यू ट्यूब पर धूम मचा रहा है. उनका गाना 'वेन आई ऐम अलोन' ग्लोबल रैंकिंग में टॉप 100 में शामिल है। पूरा गाना खुद का लिखा हुआ है. इन गानों में कंपोजिशन भी ऐश्वर्या ने ही दिया है और विडियो में ऐक्टिंग भी उन्होंने खुद की है। ना किसी ने सिखाया और ना ही किसी ने प्रेरणा दी। ऐसे कलाकार बिरले ही होते हैं। अब ऐश्वर्या की तमन्ना एक बेस्ट अभिनेत्री और अच्छा इंसान बनने की है। अच्छे इंसान की तौर पर वे लोगो  के दिलो पर राज करना चाहती है। ऐश्वर्या से श्वेता शर्मा ने हर पहलूओं पर बेबाक बात की। पेश है बातचीत के संपादित अंश। 
0 आपको एक्टिंग का शौक कब से है ?
00 जब से मैंने बचपन में फिल्म देखना शुरू किया था तब से मुझे एक्ट्रेस बनाने की रूचि जागी थी। और तभी मैं मैंने इस दिशा में काम करना भी शुरू कर दिया था। 
0 मौका कैसे मिला और आपके प्रेरणाश्रोत कौन है ?
00 मौका मुझे अपने ही गानों के एल्बम से मिला । मैं माधुरी दीक्षित को अपना आदर्श मानती हूँ। 
0 आप फिल्मो में अभिनेत्री की भूमिका निभाती है, तो आपको कैसा महसूस होता है?
 00 बहुत ही अच्छा महसूस होता है । खुशी की बात होती है खुद को उस जगह देखना जहां आपको पहुचने की बहुत ही तमन्ना थी । 
0 कोई ऐसा अवसर आया हो ,जब आप बहुत उत्साहित हुई हो?
00 ऐसा कोई बड़ा क्षण नहीं आया है। बड़े बड़े सपने पूरे होने का इन्तजार है। जिस दिन कोई बड़ा सपना पूरा होगा उस दिन उत्साह का क्षण होगा । 
0 ऐसा कोई क्षण जब निराशा मिली हो?
00 नहीं मेंरे लिए ऐसा कोई क्षण नहीं आया है हार को भी मैं निराशा में नहीं लेती हूँ। क्योकि हार भी बहुत कुछ सीखा जाती है। 
0 रील लाइफ और रीयल लाइफ में क्या अंतर है?
00 रील लाइफ में रीटेक संभव हो रियल लाइफ में नहीं। 
0 छत्तीसगढ़ी फिल्मे थियेटरों में ज्यादा दिन नही चल पाती ,आप क्या कारण मानती है ?
00 छत्तीसगढ़ी फिल्मो में अभी सुधार की बहुत जरुरत है। अगर कहानी और फिल्मांकन अच्छा हो तो किसी भी भाषा में फिल्म हो दर्शकों को पसंद आएगी। 
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
00 खुद को बेस्ट एक्ट्रेस और बेहतर इंसान बनते हुए देखना चाहती हूँ। 
0 आप फिल्मो में अपनी भूमिका कैसे निभाते है और कैसा महसूस होता है?
00 कोई भी भूमिका निभाने के लिए उस करेक्टर में घुसना पड़ता है। उसे फिल करना पड़ता है और ऐसा करने में बहुत खुशी मिलाती है। जब मेहनत रंग लाती है। 

नंबर वन अभिनेत्री बनना चाहती है एलीना

गाँवों में फिल्म देखने की व्यवस्था हो तभी छत्तीसगढ़ी फिल्मे चलेंगी
छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेत्री एलीना डेविड मसीह की तमन्ना नंबर वन अभिनेत्री बनाकर छालीवुड में राज करने की है। वे कहती है कि गाँवों में फिल्म देखने की व्यवस्था हो तभी छत्तीसगढ़ी फिल्मे चलेंगी। पहले एलीना हैदराबाद में रामूजी फिल्म सीटी में कोरियोग्राफर थीऔर बाद में छत्तीसगढ़ी फिल्मो में कदम रखी। 6 फिल्मो में अपनी अभिनय का लोहा मनवाने वाली एलीना से हमने हर पहलूओं पर बेबाक बात की है। पेश  हुई बातचीत के संपादित अंश।

संक्षिप्त परिचय 
नाम -               - एलिना डेविड मसीह
फिल्म               - 6
टेली फिल्म          -  3
एल्बम               - 2 हिन्दी और भोजपुरी
पता                  - मरोड़ा भिलाईनगर

0 आपको एक्टिंग का शौक कब से है ?
00 मुझे एक्टिंग का शौक बचपन से ही रहा है जब भी मैं कोई फिल्म या सीरयल देखती थी तो उस जगह अपने आप को रखकर सोचती थी ।
0 मौका कैसे मिला और आपके प्रेरणाश्रोत कौन है ?
00 फिल्म लाइन में आने से पैहले मै हैदराबाद में रामूजी फिल्म सीटी में कोरियोग्राफर थी लेकिन मेरे आदर्श मेरे पिता जी ही है। और छत्तीसगढ़ के सभी बड़े कलाकारों ने एक के बाद एक मुझे फिल्म एल्बम और टेली फिल्म के लिए सहयोग किये।
0 अभिनय की ओर आपका रुझान कैसे हुआ ?
00 हैदराबाद फिल्म सीटी में टॉलीवुड और बॉलीवुड की शूटिंग देख कर अभिनय की ओर मेरा रुझान हूआ।
0 कोई ऐसा अवसर आया हो ,जब आप बहुत उत्साहित हुई हो?
00 जी जब मैंने अपनी पेहली फिल्म छलिया की तो बहुत ही रोमांचित हुई और मेरा मनोबल उत्साह काफी बढ़ गया।
0 आप फिल्मो में चरित्र अभिनेत्री की भूमिका निभाती है, तो आपको कैसा महसूस होता है?
00 जब मैं कोई अभिनेत्री का भूमिका निभाती हूँ तो मुझे गर्व मेहसूस होता हैं की मैं अपने रोल को बखूबी से कर पा रही हूँ।
0 रील लाइफ और रीयल लाइफ में क्या अंतर है?
00 दोनों अलग अलग चीज है रियल लाइफ को रील लाइफ में नहीं जोड़ सकती । रील लाइफ में मैं एक प्रोफेशनल भूमिका निभाती हूँ और रियल लाइफ में अपने पापा की लाडली बेटी बन कर घर सम्हालती हूँ और दोनं ही चीज में मेरे बड़े और फ्रैंडस साथ देते है।
0 ऐसा कोई क्षण जब निराशा मिली हो?
00 जब छतीसगढ़ फिल्म इन्डस्ट्री एसोसियशन सम्मान समारोह हूआ था।और मुझे भी बेस्ट अभिनेत्री से सम्मानित किया गया था और मैं वहा नहीं जा पाई थी तब मुझे बहुत निराश हुई थी।
0 छत्तीसगढ़ी फिल्मे थियेटरों में ज्यादा दिन नही चल पाती ,आप क्या कारण मानती है ?
00 छतीसगढ़ी फिल्में इस कारण थियेटर में ज्यादा दिन नहीं चल पाती क्योंकि आज के बच्चे और नोजवान छतीसगढ़ी नहीं समझ पाते और बॉलिवुड फिल्म को ज्यादा महत्व देते हैं । दूसरी तरफ जो गाँव के लोग है वो छतीसगढ़ी फिल्म को बड़े ही चाव से देखते है और महत्व भी देते है अगर हमारे आस पास के गाँव कस्बो में थियेटर की व्यवसथा कराई जाए तो छतीसगढ़ी फिल्म चलेगी भी और आगे भी बढेगी।
0 आपका कोई सपना है जो आप पूरा होते देखना चाहती हैं?
00 मेरा सपना है नंबर वन अभिनेत्री बनने की है और मैं अपने इस सपने को पूरा होते देखना चाहती हूँ।


0 छत्तीसगढ़ी फिल्मे ज्यादा व्यवसाय क्यों नहीं कर पाती। कारण क्या मानते?
00 छतीसगढ़ी फिल्मेँ ज्यादा व्यवसाय इसलिए नहीं कर पाती क्योंकि उन्हें अलग - अलग क्षेत्र में सेंटर नहीं मिल पाता।

सोमवार, 8 जून 2015

महिलाओं के लिए एक मिसाल है नीना

 समाजसेवा करने का जूनून है 
राजनीति हो या समाजसेवा , हर क्षेत्र में आगे बढ़कर जरूरतमंदों की सेवा करने में उन्हें सुकून मिलता है.। कभी भिखारियों को भोजन कराना ,तो कभी धुप में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मचारियों को पानी के बोतल बाटना या फिर राजनीति से परे हटकर गरीबों की सेवा करना इनका मकसद बन गया है। इस शखि़्सयत का नाम है नीना युसूफ। हम कह सकते हैं कि नीना महिलाओं के लिए एक मिसाल है। व्यस्त जिंदगी में भी महिलायें घर से निकलकर समाजसेवा करती है तो निश्चित ही एक बेहतर कदम है। नीना जरूर तारीफ़ की हक़दार है। समाजसेवा में घर- बार और राजनीति आड़े नही आती। नीना प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रवक्ता और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र की अध्यक्ष है।

नीना अपनी दिल की तसल्ली के लिए बुजुर्गों की सेवा लगी रहती है। जब भी उनके पास समय होती है वे श्यामनगर की वृद्धाश्रम चली जाती है। और वहां रह रही 40 बेसहारा महिलाओं को जरुरत की चीजें दे आती हैं। उनका कहना है कि इस तरह की सेवा से उन्हें अजीब सा सुकून मिलता है। जब तक उनके शरीर में जान है तब तक वे इस तरह की समाज सेवा करती रहेगी। नीना युसूफ ने अभी हाल ही में कटोरा तालाब की 3 बच्चियों को गोद लेकर एक मिसाल कायम की है। उनकी पढ़ाई लिखाई का पूरा खर्च वे उठा रही है। वे कहती है कि इन बच्चियों को जरुरत है शिक्षा दीक्षा की इसलिए मैंने इनका जिम्मा उठाया है। इन्हे पढ़ा लिखा कर एक जिम्मेदार नागरिक बनाना हमारा कर्तब्य है।
अपंग और मूक बधिर बच्चों को शिक्षित करना नीना अपना फर्ज समझती है। साथ ही उन्होंने लड़कियों को सुन्दर बनाने की कला भी मुफ्त में सिखाती है। वे कहती है कि आत्मा के साथ साथ शरीर से भी सुन्दर होना चाहिए। इसलिए मैं लोगो को सुन्दर बनाती हूँ और कला भी सिखाती हूँ। नीना सरकार की बेटी बचाओ अभियान को सही तो ठहराती है पर कहती है कि सरकार सिर्फ दिखावा कर रही है सही तरीके से इस अभियान को चलाने की जरुरत है। आज राज्य में लडकियां सुरक्षित नहीं है। बलात्कार की घटनाएं बढ़ी है ऐसे में सरकार को गंभीरता से कदम उठाना चाहिए।

मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, फल जरूर मिलता है

बॉलीवुड हीरो बनाकर लोगो का दिल जीतूँ , यही तमन्ना है : राजेश अवस्थी 
कई टीवी धारावाहिको में अपनी भूमिका में जान डालने वाले राजेश अवस्थी आज फिलमी दुनिया में एक जाना पहचाना नाम है। एल्बम और शार्ट फिल्मो से करियर शुरू करने वाले राजेश के नाम आज कई छत्तीसगढ़ी,भोजपूरी फि़ल्में और टीवी धारावाहिक है। बनू मैं तेरी दुल्हन सहित छोटे पर्दे के कई सीरियल्स में दमदार भूमिका निभा चुके हैं। बचपन में कलाकारों का नक़ल करने वाला राजेश अवस्थी आज फि़ल्मी दुनिया का एक जाना पहचाना नाम है। राजेश अवस्थी जितने बड़े अभिनेता है उससे बड़े सिंगर और डांसर भी हैं। उनकी आवाज में गजब का जादू है। उन्होंने सात फिल्मे की है जिसमे उनकी भोजपुरी फिल्मे काफी सुपर डुपर रही है।वे कहते हैं कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, मैंने संघर्ष किया इसलिए यहां तक पहुंच सका। राजेश अवस्थी ने दैनिक सन स्टार में कुछ क्षण बिताये। प्रस्तुत है उनसे हुई बातचीत के संपादित अंश।

0 अभिनय की ओर आपका रुझान कैसे हुआ ?
00 बचपन से ही मेरा इस ओर रुझान था। जब छोटा था तब कलाकारों का नकल किया करता था। मया दे दे मया ले ले फिल्म की शूटिंग देखकर मुझे भी काम करने की ललक पैदा हुई और मैं आज आपके सामने हूँ।
0 शुरू में आपको काफी संघर्ष करना पड़ा होगा,क्या क्या किया। 
00  कोई संघर्ष नहीं करना पड़ा क्योकि मेरे भैया प्रकाश अवस्थी एक बड़े कलाकार है। छत्तीसगढ़ी फिल्म और एलबम में ब्रेक मिला। संघर्ष करते हुए वे लगातार मुंबई में किस्मत आजमाते रहे। आखिर मेहनत रंग लाई और छोटे पर्दे की भूमिकाएं मिलने लगी। धीरे-धीरे धारावाहिकों में दमदार रोल मिलने के साथ ही बड़े पर्दे पर भी ब्रेक मिला। राजेश कहते हैं कि मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, मैंने संघर्ष किया इसलिए यहां तक पहुंच सका।
0 करियर की शुरुआत कैसे की?
00 सिंगिंग मेरा शौक है। डांस और गायन से मैं फिल्मो में आया हूँ। आज भी मैं अपने को सिंगर ज्यादा समझता हूँ।
0 आप किसे अपना प्रेरणाश्रोत मानते है ?
00 मेरी माँ उमरलेखा अवस्थी मेरी प्रेरणाश्रोत है। आज जो कुछ भी हूँ उन्ही की बदोलत हूँ।
0 ऐसा कोई क्षण जब बहुत खुशी मिली हो और ऐसा कोई क्षण जब निराशा हुई हो?
00 कई बार निराशा हुई है। मुम्बई में तो बहुत ही निराशा मिली थी बाद में मुझे काम ही काम मिलता रहा। निराशा की तो आदत ही पढ़ गयी थी। इसका सबसे बड़ा सार है की काम करो फल की चिंता मत करो।
0 कोई सपना जो आपके मन में है और उसे पूरा होते हुए देखना चाहते हो?
00  बॉलीवुड का हीरो बनकर लोगो का दिल जीतूं ब्स यही तमन्ना है और उसे पूरा करने की कोशिश करूंगा। बाद में हॉलीवुड की फिल्मे भी करने की इच्छा है।
0 कभी ऐसा क्षण आया है जब आप अतिउत्साहित हुए हों ?
00 हाँ जब मेरी भोजपुरी फिल्म धुरंधर को 6 अवार्ड मिले तो सुखद अनुभव हुआ था। इस फिल्म में मैंने रविकिशन जी के साथ काम किया है।
0 रील लाइफ और रीयल लाइफ में क्या अंतर है?
00 बहुत अंतर है। रील लाइफ में वही करते है जो स्टोरी में होता है। रियल लाइफ में अपने मन के हिसाब से करते है।
0 छत्तीसगढ़ी फिल्मो में आप सबसे अच्छा एक्टर किसे मानते हैं ?
00 करन खान को , निसंदेह वह बेहतर एक्टर है। 

सोमवार, 11 मई 2015

गुड नाईट शायरी

मीठी-मीठी यादों को  पलकों में सजा लेना
साथ गुजारे पल को पलकों में बसा लेना
दिल को फिर भी न मिले सुकून तो
मुस्कुरा के मुझे अपने सवाप्नो में बुला लेना ....!
"शुभ-रात्रि "



हर रात में आपके पास उजाला हो
हर कोई आपका चाहने वाला हो
रात गुजर जाये उनके सपनों के सहारे
ऐसा कोई आपके स्वप्नों को सजाने वाला हो ...!
" शुभ-रात्रि "



सितारे चाहते है कि रात आये
हम क्या लिखे कि आपका जबाब आये
सितारों जैसी चमक तो नही मुझमे
हम क्या करे कि आपको मेरी याद आये ..!
"शुभ-रात्रि "


उसकी प्यारी मुस्कान होश उड़ा देती है
उसकी प्यारी आँखे हमे दुनिया भुला देती है
आएगी आज भी वो मेरे स्वप्नों में यारों
बस यही उम्मीद हमे रोज़ सुला देती है ...!
"शुभ-रात्रि "


 आँखों ही आँखों में बात होने दो
मुझे मीठे-मीठे सपनो में सो जाने दो.!!
शुभ रात्री साथियों,

 आपको प्यार करने से दर लगता है
आपको खोने से डर लगता है
कही आँखों से गम न हो जाये यादे
अब सोच रात को सोने से डर लगता है .!
शुभ रात्रि

गम ने हसने न दिया ज़माने ने रोने न दिया
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया
थक के जब सितारों से पनाह ली तब
नीद आई तो तेरी याद ने सोने नही दिया ..!
शुभ रात्रि 


 लोग न जाने किस तरह की रंगीन रातों की चाहत रखा करते है
मेरी रात तो वही सुन्दर जो अपनों के ख्यालो में बिता करते है ...!
शुभ रात्रि


 कीताब पढ़ने के लिए होती है उसमे सिर्फ़ तकते हो क्यों
रात सोने के लिए होती है ऱोज देर रात जगते हो क्यों ..!
 शुभ रात्रि 

 सुन्दर मधुर स्वप्नों की बारात गुजर गयी यारा
बातों ही बातों में देखो आधी रात गुजर गयी यारा ..!
 शुभ रात्रि 


 हवा से लिपटी हुई सिसकियों से लगता है, मेरी "दर्द" की कहानी किसी और ने भी दोहराई ...
दोस्ती के खातिर ही सही, देर अब न लगा "शुभ संध्या" बोल दे मेरे भाई ....!


 आप इस तस्वीर की ख़ूबसूरती को निहारते रहिये
हो गयी है अर्धरात्रि,मुझे शुभ रात्रि कहते रहिये ...!

 उसकी प्यारी मुस्कान होश उड़ा देती है
उसकी प्यारी आँखे हमे दुनिया भुला देती है
आएगी आज भी वो मेरे स्वप्नों में यारों
बस यही उम्मीद हमे रोज़ सुला देती है ...!
 शुभ रात्रि


गुड नाईट को बोली हूँ पहले उनको सुला के आओ
फिर धीरे से, हौले से मेरी आँखों में बश जाओ ...!
शुभ रात्रि ...!

रोमांटिक शायरी






एक आरज़ू सी दिल में अक्सर छुपाये फिरता हूँ
प्यार करता हूँ तुझसे पर कहने से डरता हूँ
कही नाराज़ न हो जाओ मेरी गुस्ताखी से तुम
इसलिए खामोश रहके भी तेरी धडकनों को सुना करता हूँ ...!
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दीवाने है तेरे नाम के इस बात से इंकार नही
कैसे कहे तुमसे प्यार नही कुछ तो कसूर है आपकी
आँखों का अकेले तो गुनाहगार नही ...!
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खोया हूँ तुम्हारे ख्यालो में जमाने का कोई होश नही
न समझो मुझे तुम दीवाना इतना भी मै मदहोश नही
चला तेरा जादू कुछ ऐसा धड़कन मेरी खामोश नही
नज़रे बन गई अब तेरी मुहमे इनका आधोश नही ...!
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 फूल से किसी ने पूछा, तू ने सब को खुश्बू दी
पर तुझे क्या मिला, फूल ने कहा :
देना लेना तो व्यापार है, जो देकर कुछ ना माँगे,
वो प्यार है..........!!
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 कोई नजरो से इशारा कर लेता है
कोई आँखों से कुछ कह देता है
बड़ा ही मुश्किल हो जाता है जबाब देना
जब कोई इंग्लिश में कुछ लिख देता है ..!!
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आईना देखोगे तो मेरी याद आएगी
साथ गुज़री वो मुलाकात याद आएगी
पल भर क लिए वक़्त ठहर जाएगा,
जब आपको मेरी कोई बात याद आएगी..!!
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 जा सकी ना मै दूर और वो आये ना करीब ,
मेहरबान कैसे हो जाता मेरी मुहब्बत पर मेरा नसीब ..!!
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बिन देखे तेरी तस्वीर बना सकते है
बिन मिले तेरा हल बता सकते है
हमारे प्यार में इतना दम है कि
तेरे आँसू अपनी आँखों से गिरा सकते है ..!
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बहुत खूबसूरत है आँखे तुम्हारी
इन्हें बना दो किस्मत हमारी
हमे नही चाहिए ज़माने कि खुशियाँ
अगर मिल जाये मोहब्बत तुम्हारी ...!
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आपकी जुदाई भी हमे प्यार करती है
आपकी यादे भी हमे बेक़रार करती है
जाते जाते कही भी हो जाए मुलाकात आपसे
तलास आपको ये नज़र बार बार करती है ...!
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वो आपका पलके झुका के मुस्कुराना
वो आपका नज़रे झुका के शर्मना
वैसे आपको पता है या नही हमे पता नही
पर इस दिल को मिल गया उसका नजराना ..!
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गुज़र रहे है आज इश्क के उस मुकाम से
नफरत सी हो गयी है मोहब्बत के नाम से
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माना कि मर जाने पर भुला दिए जाते है लोग ज़माने में
पर मै अभी जिन्दा हूँ फिर कैसे उसने मुझे भुला दिया ...!
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तुम्हारी जिद बेमानी है दिल ने हार कब मानी है
कर ही लेगा एक दिन बश में तुम्हे आदत इसकी पुरानी है ...!!
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मैंने अपनी हर एक साँस तुम्हारी गुलाम कर रखी है
लोगो ने ये जिन्दगी बदनाम कर राखी है
अब ये आइना भी किस काम का मेरे
मैंने तो अपनी परछाई भी तुम्हारे नाम कर रखी है ..!
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तेरी आवाज कि शहनाइयों से प्यार करते है
तस्सबुर मई तेरे तनहाइयों से प्यार करते है
जो मेरे नाम से तेरे नाम को जोड़े ज़माने वाले
अव हम उन चर्चो से भी प्यार करते है ..!
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 जो बात आज तक मै कह न सकी लो आज वो सबके सामने कहती हूँ
जो चेहरा तुम आईने में रोज देखते हो उसी से प्यार मै करती हूँ ...!
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 छुपके जो उनसे मिलती रही तो दोष क्या हमारा
कुछ अपनी जरूरत और कुछ होता उनका इशारा ...!
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रहो मेरी जुल्फों के साये में आज तुम रहो
और टूट के मुझे प्यार करो
आज मै मै न रहूँ आज मै तुम हो जाऊ
अपने प्यार से ऐसा मेरा श्रृंगार करो ...!
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 एक दीवाने की जव निकली दिल की बात
दर्द को मिला पी गया पानी के साथ...रिया ..!
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मै तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती
मै जवाब बनता अगर तू सवाल होती
सब जानते है मैं नशा नही करता,
मगर मै भी पी लेता अगर तू शराब होती....!
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♥ ♥ आँखों से देखा दिल से दुहाई नजर की कीमत हमने चुकाई ♥ ♥
♥ ♥ एक कमी थी जो मेरे दिल के महल में उसमे तेरी तस्वीर लगाई ..! ♥ ♥
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 मेरे अपने जिन्दगी का यही एक वसूल है
जब तू कबूल है तो तेरा सब कुछ कबूल है ...!
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घर से बाहर कोलेज जाने के लिए वो नकाब मे निकली
सारी गली उनके पीछे निकली
इनकार करते थे वो हमारी मोहबत से
और हमारी ही तसवीर उनकी किताब से निकली……!

शुक्रवार, 1 मई 2015

खुले में निबटने वालों से निबटती लट्ठमार महिलाएँ


"तीन बजे भोरवा में चलली सड़किया के सफाई में चला हे सखिये उठा रोड के सफाई में,हाथ में लेली टरचवा, हाथ में लेली डंडवा, चला हे सखिये उठा रोड के सफाई में...”बिहार के नालंदा इलाक़े में तड़के सुबह महिलाएं ये गीत गाती सड़कों पर निकलती हैं.महिलाओं की ये टोली पहरे पर निकली है, जिसका मक़सद है खुले में शौच करने वालों को खदेड़कर आबादी वाले इलाक़ों से दूर करना.
नालंदा ज़िले के अरौत गाँव की 16 महिलाओं की ये पहरेदारी इलाक़े के लोगों को सफ़ाई का पाठ पढ़ाने के लिए है.गाँव में लगभग पौने तीन सौ घर हैं, लेकिन ज़्यादातर घरों में शौचालय नहीं. ऐसे में औरत-मर्द दोनों शौच के लिए रास्तों के किनारे खुले में बैठा करते थे.
गाँव में रहने वाले सुदामा प्रसाद कहते हैं, “दस फुट की सड़क पर चलने की ख़ातिर चार फुट भी जगह नहीं बचती थी. रात के अंधेरे में नीचे खेत में उतर कर आते-जाते थे कि मैला ना लगे”.
गंदगी और उनसे होने वाली बीमारियों से परेशान गाँव की ही एक महिला गिरजा देवी ने पिछले साल अक्तूबर में पहल करते हुए गाँव की कुछ महिलाओं को इकट्ठा कर सुबह और शाम रास्ते पर पहरेदारी करने का निर्णय लिया.
घरों में शौचालय नहीं और अंधेरे में दूर तक जाना सुरक्षित नहीं, ऐसे में पहरा देने वाली टोली की महिलाएं शौच करने वाली औरतों को दूर खेत तक छोड़कर आती हैं.यही नहीं समूह की महिलाएं हफ्ते में एक बार गाँव की नालियाँ भी साफ करती हैं.
गिरजा देवी बताती हैं, "शुरुआत में पहले पहल हम चार लोग थे, लेकिन धीरे-धीरे और महिलाओं नें जुड़ने की इच्छा जताई. इस तरह आज हम कुल 16 औरतें हैं जो चार-चार की टोली में अपने घर के नज़दीक वाले रास्ते पर पहरा देती हैं.”
समूह की सभी महिलाएं दलित हैं और पढ़ाई-लिखाई का कभी कोई मौका नहीं मिला, लेकिन स्वच्छता के प्रति इनकी प्रतिबद्धता देखते बनती है.
पहरेदारी के लिए निकली राज मुन्नी देवी बातों-बातों में कहती हैं, "काम भले ही नेक हो, लेकिन सफाई के लिए पहरेदारी करना आसान नहीं है."
उनके मुताबिक़, गाँव के कई लोगों से इन औरतों का बैर हुआ और तो कईयों ने बोल-चाल तक बंद कर दी.किन काम चलाऊ डंडे और हाथ में टॉर्च लेकर अंधेरे मुंह मुस्तैदी करने वाली इन महिलाओं की पहल रंग ला रही है.इस मुहिम को लोगों का समर्थन मिल रहा है.