बुधवार, 4 अगस्त 2010

चुटकुले

स्टाइल
एक बार बंता ने स्टाइल मारते हुए एयरपोर्ट फोन लगाया और पूछा- हवाई जहाज से दिल्ली जाने में कितना वक्त लगेगा?
उधर से मधुर आवाज़ में युवती बोली - जस्ट अ सेकेंड।
बंता ने थैंक्यू बोलकर फोन रख दिया।
..........

मेडिकल कॉलेज

रमेश- यार! अगर मैं नारियल के पेड़ पर चढ़ जाऊं, तो इंजीनियरिंग कॉलेज की लड़कियां दिख जाएंगी क्या?
नरेश- हां, लेकिन फिर हाथ छोड़ देना, तो मेडिकल कॉलेज की भी दिख जाएंगी।
..........

बेवकूफ की परिभाषा!

कैलाश- बेवकूफ किसे कहते हैं?
विजय- ऐसे आदमी को, जो अपनी बात बड़े अजीब तरीके से घुमा-फिरा कर कहता है और जो आदमी उसकी बात सुनता है उसकी समझ में कुछ नहीं आता, समझ गया।
कैलाश- नहीं!
..........

तीन भाषाओं का ज्ञान

रोहन (मोहन से)- तुम कौन-कौन सी भाषाएं बोल और लिख सकते हो?
मोहन- मैं तीन भाषाएं अच्छी तरह बोल और लिख सकता हूं।
रोहन- अच्छा कौन-कौन सी?
मोहन- हिंदी, हिंदुस्तानी और राष्ट्रभाषा।
..........

छतरी में छेद!!

बारिश के दिनों में मोन्टी छतरी लेकर बाहर गया। उसकी छतरी में एक बड़ा छेद था।
उस पर चिन्टू ने मोन्टी से पूछा- ओए, तेरी छतरी में छेद क्यों है?
मोन्टी बोला- अरे, वो छेद तो मैंने ही किया है, ताकि बारिश बंद होने पर मुझे पता चल
सके ..।
..........

रेडियो हो तो ऐसा..

पिता- बेटा तुम्हे बर्थडे पर क्या चाहिए।
बेटा- कुछ नहीं डैड सिर्फ एक रेडियो, जिसके आसपास स्पोर्ट्स कार लगी हो।
......

डिनर टाइम 7 से 10

एक शादी में रिसेप्शन के दौरान संता बहुत देर से खाना खा रहा था। तभी उनके पड़ोसी ने पूछा- कब तक खाओगे यार?
संता- मैं तो खुद खा-खा कर दुखी हूं, पर क्या करूं? कार्ड में लिखा था डिनर 7.00 से 10.00 बजे तक।
..........

ब्रेकिंग न्यूज़

बंता बारिश में तेज़ सायकिल चलाता हुआ निकला ही था कि रास्ते में एक मोटी औरत से टकरा गया।
औरत ने गुस्से में अपनी आंखे तरेरकर कहा- देखते नहीं, मैं जा रही हूं! ब्रेक नहीं मार सकते थे क्या?
बंता (तपाक से बोल पड़ा)- आंटी, पूरी सायकिल तो मार दी, अब ब्रेक मारने का भला क्या फायदा?

saabhaar-bhaskar

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें